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विदुर नीति • अध्याय 2 • श्लोक 37
एतयोपमया धीरः संनमेत बलीयसे । इन्द्राय स प्रणमते नमते यो बलीयसे ॥
इस दृष्टान्त के अनुसार, बुद्धिमान् पुरुष को अधिक बलवान के सामने झुक जाना चाहिये, जो अधिक बलवान के सामने झुकता है, वह मानो इन्द्र देवता को प्रणाम करता है।
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