अन्याय में स्थित हुआ राजा, बाप-दादों का राज्य पाकर भी, अपने ही कर्मो से उसे इस तरह भ्रष्ट कर देता है, जैसे हवा बादल को छिन्न-भिन्न कर देती है।
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