मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
विदुर नीति • अध्याय 2 • श्लोक 11
यस्त्वेतानि प्रमाणानि यथोक्तान्यनुपश्यति । युक्तो धर्मार्थयोर्ज्ञाने स राज्यमधिगच्छति ॥
जो इनके प्रमाणों को ठीक-ठीक जानता है, तथा धर्म और अर्थ के ज्ञान में दत्तचित्त रहता है, वह राज्य को प्राप्त करता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
विदुर नीति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

विदुर नीति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें