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विदुर नीति • अध्याय 1 • श्लोक 90
प्रमदाः कामयानेषु यजमानेषु याजकाः । राजा विवदमानेषु नित्यं मूर्खेषु पण्डिताः ॥
चोर असावधान पुरुष से, वैद्य रोगी से, मतवाली स्त्रियाँ कामियों से, पुरोहित यजमानों से, राजा झगड़ने वालों से, तथा विद्वान् पुरुष मूरखों से अपनी जीविका चलाते हैं।
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