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विदुर नीति • अध्याय 1 • श्लोक 83
षड्दोषाः पुरुषेणेह हातव्या भूतिमिच्छता । निद्रा तन्द्री भयं क्रोध आलस्यं दीर्घसूत्रता ॥
ऐश्वर्य या उन्नति चाहने वाले पुरुषों को नींद, तन्द्रा (ऊँघना), डर, क्रोध, आलस्य तथा दीर्घ सूत्रता (जल्दी हो जाने वाले काम में अधिक देर लगाने की आदत) - इन छः दुर्गुणों को त्याग देना चाहिये।
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