जो शत्रु को मित्र बनाता है, और मित्र से द्वेष करते हुए उसे कष्ट पहुँचाता है, तथा सदा बुरे कर्मो का आरम्भ किया करता है, उसे मूढ़ चित्तवाला कहते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
विदुर नीति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
विदुर नीति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।