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विदुर नीति • अध्याय 1 • श्लोक 3
एवमुक्तस्तु विदुरः प्राप्य राजनिवेशनम् । अब्रवीद्धृतराष्ट्राय द्वाःस्थ मां प्रतिवेदय ॥
उसके ऐसा कहने पर, विदुर जी राजमहल के पास जाकर बोले, द्वारपाल! धृतराष्ट्र को मेरे आने की सूचना दे दो।
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