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विदुर नीति • अध्याय 1 • श्लोक 26
यथाशक्ति चिकीर्षन्ति यथाशक्ति च कुर्वते । न किं चिदवमन्यन्ते पण्डिता भरतर्षभ ॥
विवेकपूर्ण बुद्धि वाले पुरुष, शक्ति के अनुसार काम करनेकी इच्छा रखते हैं, और करते भी हैं, तथा किसी वस्तु को तुच्छ समझकर उसकी अवहेलना नहीं करते।
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