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विदुर नीति • अध्याय 1 • श्लोक 13
विदुर उवाच । अभियुक्तं बलवता दुर्बलं हीनसाधनम् । हृतस्वं कामिनं चोरमाविशन्ति प्रजागराः ॥
विदुरजी बोले - राजन्! जिसका बलवान के साथ विरोध हो गया है, उस साधनहीन दुर्बल मनुष्य को, जिसका सब कुछ हर लिया गया है उसको, कामी को तथा चोर को रात में जागने का रोग लग जाता है।
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