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वाक्य वृत्ति • अध्याय 1 • श्लोक 8
अत्र ब्रूमः समाधानं कोऽन्यो जीवस्त्वमेव हि। यस्त्वं पृच्छसि मां कोऽहं ब्रह्मैवासि न संशयः।।
शिक्षक ने कहा: “मैं तुम्हारे प्रश्न का उत्तर दूंगा। आपके सिवा और कौन जीव हो सकता है, जो मुझसे यह प्रश्न पूछता है, “मैं कौन हूँ?”। इसके बारे में कोई संदेह नहीं है। तुम ही ब्रह्म हो।
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