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वाक्य वृत्ति • अध्याय 1 • श्लोक 7
को जीवः कः परश्चात्मा तादात्म्यं वा कथं तयोः। तत्त्वमस्यादिवाक्यं वा कथं तत्प्रतिपादयेत्।।
यहाँ प्रश्न किया गया है कि जीव कौन है, परमात्मा कौन है, और दोनों के बीच तादात्म्य (एकत्व) कैसे संभव है; तथा “तत्त्वमसि” आदि वाक्य उस तत्त्व को कैसे प्रतिपादित करते हैं।
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