क्या शरीर ब्राह्मण (हो सकता) है? नहीं, यह भी नहीं हो सकता। चाण्डाल से लेकर सभी मानवों के शरीर एक जैसे ही अर्थात् पाञ्चभौतिक होते हैं, उनमें जरा-मरण, धर्म-अधर्म आदि सभी समान होते हैं। ब्राह्मण - गौर वर्ण, क्षत्रिय - रक्त वर्ण, वैश्य - पीत वर्ण और शूद्र कृष्ण वर्ण वाला ही हो, ऐसा कोई नियम देखने में नहीं आता तथा (यदि शरीर ब्राह्मण है तो) पिता, भाई के शरीर के दाह संस्कार करने से पुत्र आदि को ब्रह्म हत्या आदि का दोष भी लग सकता है। अस्तु, शरीर का ब्राह्मण होना सम्भव नहीं है।
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