उस वास्ते मनुष्यों! अनन्त, अजर, अमर, अविनाशी और शान्तिपूर्ण ब्रह्म का ध्यान करो। मिथ्या जंजालों में क्या रखा है? जो ब्रह्म का ज़रा सा भी आनन्द पा जाते हैं, उनकी नज़रों में संसारी राजाओं का आनन्द तुच्छ जंचता है।
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