चौपाई –
अति सीतल अति ही सुखदाई ।
सम दम राम भजन अधिकाई ॥
जड जीवन कौं करै सचेता ।
जग महँ बिचरत है एहि हेता ॥
(संतजन) अत्यन्त शीतल (शान्त-स्वभाव) और अत्यन्त सुखदायक होते हैं। वे मन पर विजय पाये हुए और इन्द्रियों को दमन करने वाले तो हैं ही, श्रीराम-भजन की उनमें विशेषता होती है। वे मूर्ख (संसारासक्त) जीवों को सचेत करते हैं– सावधान करके भगवान् की ओर लगाते हैं और इसी हेतु से जगत् में बिचरण करते हैं।
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