ग्यान को भूषन ध्यान है ध्यान को भूषन त्याग ।
त्याग को भूषन शांतिपद तुलसी अमल अदाग ॥
ज्ञान का भूषण ध्यान है, ध्यान का भूषण त्याग है। तुलसीदासजी कहते हैं कि त्याग का भूषण शान्ति पद (भगवान् का शान्तिमय परमपद) है, जो (सर्वथा) निर्मल और निष्कलङ्क है।
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