सीतल बानी संत की ससिहू ते अनुमान ।
तुलसी कोटि तपन हरै जो कोउ धारै कान ॥
संतकी शीतल वाणी चन्द्रमा से भी बढ़कर अनुमान की जाती है, तुलसीदासजी कहते हैं कि जो कोई उसको कानों में धारण करता है, उसके करोड़ों तापों कों हर लेती है।
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