मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
उपदेश सारम • अध्याय 1 • श्लोक 5
जगत ईशधी युक्तसेवनम् । अष्टमूर्तिभृद्देवपूजनम् ॥
यदि हम इस अष्टांगिक ब्रह्माण्ड को स्वयं भगवान का ही रूप मान लें और समस्त जगत की आराधना करें, तो यह भगवान की सर्वश्रेष्ठ पूजा है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
उपदेश सारम के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

उपदेश सारम के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें