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उपदेश सारम • अध्याय 1 • श्लोक 16
दृश्यवारितं चित्तमात्मनः । चित्त्वदर्शनं तत्त्वदर्शनम् ॥
जब मन बाह्य इन्द्रिय-विषयों को त्यागकर अपने अन्दर समा लेता है और अपने तेजस्वी स्वरूप का साक्षात्कार कर लेता है, तभी सच्चा ज्ञान होता है।
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