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उपदेश सारम • अध्याय 1 • श्लोक 11
वायुरोधनालीयते मनः । जालपक्षिवद्रोधसाधनम् ॥
जैसे बहेलिये द्वारा पक्षियों को जाल में फंसाया जाता है, वैसे ही श्वास को रोककर मन को रोका जा सकता है। यह एक ऐसा उपाय है जो मन की एकाग्रता को प्रभावित करेगा।
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