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तुलसी • अध्याय 1 • श्लोक 7
समन्ताद्देवताः सर्वाः सिद्धचारणपन्नगाः । यन्मूले सर्वतीर्थानि यन्मध्ये ब्रह्मदेवताः ।।
जिसके मूल में सभी देवता, सिद्ध, चारण, नाग एवं तीर्थ चारों तरफ से स्थित हैं तथा जिसके मध्य में ब्रह्म देवता निवास करते हैं।
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