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तुलसी • अध्याय 1 • श्लोक 12
विना श्रीतुलसीं विप्रा येऽपि श्राद्धं प्रकुर्वते । वृथा भवति तच्छ्राद्धं पितृणां नोपगच्छति ॥
जो ब्राह्मण श्राद्ध में तुलसी प्रयोग नहीं करते, वह श्राद्ध पितरों तक नहीं पहुँचता है, व्यर्थ हो जाता है।
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