प्रश्न: स्थूल शरीर क्या है?
उत्तर: पञ्चीकृत पञ्चमहाभूतों से बना हुआ, सत्कर्मों से प्राप्त, तथा सुख-दुःख आदि भोगों का आश्रय जो शरीर है, वही स्थूल शरीर कहलाता है।
यह छः विकारों से युक्त होता है — अस्ति(अस्तित्व में रहता है), जायते(जन्म लेता है), वर्धते(बढ़ता है), विपरिणमते(परिवर्तन को प्राप्त होता है), अपक्षीयते(क्षीण होता है) और विनश्यति(नष्ट हो जाता है)। यही स्थूल शरीर है।
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