शम से शुरू होने वाला आंतरिक धन क्या है?
वे हैं शम, दम, उपराम, तितिक्षा, श्रद्धा और समाधान।
शम क्या है?
यह मन पर नियंत्रण या महारत है।
दम क्या है ?
यह बाहरी इन्द्रियों जैसे आँखें आदि का नियंत्रण है।
उपराम या उपरति क्या है?
यह अपने धर्म (कर्तव्य) का सख्ती से पालन है।
तितिक्षा क्या है?
यह सर्दी-गर्मी, सुख-दुःख आदि की सहनशीलता है।
श्राद्ध का स्वरूप क्या है?
गुरु और वेदांत के वचन आदि में विश्वास ही श्राद्ध है।
समाधान क्या है?
यह मन की एकल तीक्ष्णता है।
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