इन पाँच तत्त्वों के तामस अंश से पञ्चीकृत पञ्चमहाभूत उत्पन्न होते हैं।
पञ्चीकरण कैसे होता है? इन पाँच महाभूतों के तामस अंश वाले प्रत्येक भूत को दो भागों में विभाजित किया जाता है। उनमें से एक आधा भाग अलग रखा जाता है। दूसरे आधे भाग को पुनः चार भागों में विभाजित किया जाता है। फिर प्रत्येक भूत के आधे भाग में अन्य चार भूतों के एक-एक चौथाई भाग का मिश्रण किया जाता है। इस प्रकार पञ्चीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होती है।
इन पञ्चीकृत पञ्चमहाभूतों से स्थूल शरीर की उत्पत्ति होती है। इस प्रकार पिण्ड(व्यष्टि) और ब्रह्माण्ड(समष्टि) की एकता स्थापित होती है।
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