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तत्त्वबोध • अध्याय 1 • श्लोक 3
साधनचतुष्टयं किम्? नित्यानित्यवस्तुविवेकः। इहामुत्रार्थफलभोगविरागः। शमादिषट्कसम्पत्तिः। मुमुक्षुत्वं चेति।
प्रश्न: साधनचतुष्टय क्या है? उत्तर: साधनचतुष्टय चार प्रकार के साधन हैं — नित्य और अनित्य वस्तुओं का विवेक, इस लोक और परलोक के भोगों के फलों में वैराग्य, शम आदि छह गुणों की सम्पत्ति, तथा मोक्ष प्राप्ति की तीव्र इच्छा
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