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तत्त्वबोध • अध्याय 1 • श्लोक 25
आत्मा तर्हि कः? सच्चिदानन्दस्वरूपः। सत्किम्? कालत्रयेऽपि तिष्ठतीति सत्। चित्किम्? ज्ञानस्वरूपः। आनन्दः कः? सुखस्वरूपः। एवं सच्चिदानन्दस्वरूपं स्वात्मानं विजानीयात्।
प्रश्न: तब आत्मा कौन है? उत्तर: आत्मा का स्वरूप सत्-चित्-आनन्द है। प्रश्न: सत् क्या है? उत्तर: जो तीनों कालों (भूत, वर्तमान और भविष्य) में सदैव स्थित रहता है, वह सत् है। प्रश्न: चित् क्या है? उत्तर: जिसका स्वरूप ज्ञान है, वह चित् है। प्रश्न: आनन्द क्या है? उत्तर: जिसका स्वरूप सुख है, वह आनन्द है। उत्तर: इस प्रकार अपने आत्मा को सत्-चित्-आनन्द स्वरूप जानना चाहिए।
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