प्रश्न: तब आत्मा कौन है?
उत्तर: आत्मा का स्वरूप सत्-चित्-आनन्द है।
प्रश्न: सत् क्या है?
उत्तर: जो तीनों कालों(भूत, वर्तमान और भविष्य) में सदैव स्थित रहता है, वह सत् है।
प्रश्न: चित् क्या है?
उत्तर: जिसका स्वरूप ज्ञान है, वह चित् है।
प्रश्न: आनन्द क्या है?
उत्तर: जिसका स्वरूप सुख है, वह आनन्द है।
उत्तर: इस प्रकार अपने आत्मा को सत्-चित्-आनन्द स्वरूप जानना चाहिए।
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