प्रश्न: आत्मा पाँच कोशों से भिन्न कैसे है?
उत्तर: "मेरा शरीर", "मेरे प्राण", "मेरा मन", "मेरी बुद्धि" और "मेरा अज्ञान" — ये सब अपने से भिन्न होने के कारण जाने जाते हैं।
जिस प्रकार कंगन, कुण्डल, घर आदि वस्तुएँ "मेरी" कहकर अपने से भिन्न जानी जाती हैं, उसी प्रकार पाँच कोश आदि भी "मेरे" के रूप में जाने जाने के कारण आत्मा नहीं हैं, बल्कि आत्मा से भिन्न हैं।
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