प्रश्न: आनन्दमय कोश क्या है?
उत्तर: कारण शरीररूप अविद्या में स्थित मलिन सत्त्व, जो प्रिय आदि वृत्तियों से युक्त है, वह आनन्दमय कोश कहलाता है।
यही पाँच कोश हैं।
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