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तत्त्वबोध • अध्याय 1 • श्लोक 21
मनोमयः कोशः कः? मनश्च ज्ञानेन्द्रियपञ्चकं मिलित्वा यो भवति स मनोमयः कोशः।
प्रश्न: मनोमय कोश क्या है? उत्तर: मन और पाँच ज्ञानेन्द्रियों के मिलन से जो कोश बनता है, वह मनोमय कोश कहलाता है।
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