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तत्त्वबोध • अध्याय 1 • श्लोक 15
जाग्रदवस्था का? श्रोत्रादिज्ञानेन्द्रियैः शब्दादिविषयैश्च ज्ञायते इति यत् सा जाग्रदावस्था। स्थूल शरीराभिमानी आत्मा विश्व इत्युच्यते।
प्रश्न: जाग्रत अवस्था क्या है? उत्तर: जिस अवस्था में श्रवण आदि ज्ञानेन्द्रियों के द्वारा शब्द आदि विषयों का ज्ञान होता है, वह जाग्रत अवस्था कहलाती है। स्थूल शरीर का अभिमान करने वाला आत्मा विश्व कहलाता है।
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