प्रश्न: पाँच कर्मेन्द्रियाँ कौन-सी हैं?
उत्तर: वाणी, हाथ, पैर, गुदा और उपस्थ — ये पाँच कर्मेन्द्रियाँ हैं।
प्रश्न: कर्मेन्द्रियों के अधिष्ठाता देवता कौन हैं?
उत्तर:
वाणी के देवता अग्नि हैं।
हाथों के देवता इन्द्र हैं।
पैरों के देवता विष्णु हैं।
गुदा के देवता मृत्यु हैं।
उपस्थ के देवता प्रजापति हैं।
प्रश्न: कर्मेन्द्रियों के विषय क्या हैं?
उत्तर:
वाणी का विषय बोलना है।
हाथों का विषय वस्तुओं को ग्रहण करना है।
पैरों का विषय चलना है।
गुदा का विषय मल का त्याग करना है।
उपस्थ का विषय आनन्द की अनुभूति है।
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