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तत्त्वबोध • अध्याय 1 • श्लोक 10
सूक्ष्मशरीरं किम्? अपञ्चीकृतपञ्चमहाभूतैः कृतं सत्कर्मजन्यं सुखदुःखादिभोगसाधनं पञ्चज्ञानेन्द्रियाणि पञ्चकर्मेन्द्रियाणि पञ्चप्राणादयः मनश्चैकं बुद्धिश्चैका एवं सप्तदशाकलाभिः सह यत्तिष्ठति तत्सूक्ष्मशरीरम्।
प्रश्न: सूक्ष्म शरीर क्या है? उत्तर: अपञ्चीकृत पञ्चमहाभूतों से बना हुआ, सत्कर्मों से प्राप्त, तथा सुख-दुःख आदि भोगों के साधन के रूप में स्थित जो शरीर है, वह सूक्ष्म शरीर कहलाता है। यह सत्रह अवयवों से युक्त होता है, अर्थात् — पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ, पाँच कर्मेन्द्रियाँ, पाँच प्राण, एक मन, तथा एक बुद्धि। इन सत्रह कलाओं के साथ जो स्थित रहता है, वही सूक्ष्म शरीर है।
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