मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
सूर्य सिद्धांत • अध्याय 9 • श्लोक 2
उदयास्तयोर्दिगज्ञानम्‌ सूर्यादभ्यधिका: पश्चादस्तं जीवकुजार्कजा: । ऊना: प्रागुदय॑ यान्ति शुक्रजो वक्रिणा तथा ॥
गुरु, भौम और शनि ये तीनों ग्रह सूर्य से राश्यादिमान में अधिक होने पर पश्चिम में अस्त तथा न्यून होने पर पूर्व में उदय होते हैं। इसी प्रकार वक्री शुक्र और बुध, सूर्य से अधिक होने पर पश्चिम में अस्त तथा न्यून होने पर पूर्व में उदय होते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें