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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 9 • श्लोक 12
नक्षत्राणां कालांशा: स्वात्यगस्त्यमृगव्याथचित्राज्येष्ठा: पुनर्वसु: । अभिजिदू ब्रह्महदयं त्रयोदशभिरंशके: ॥
स्वाती, अगस्त्य, मृगव्याध, चित्रा, ज्येष्ठा, पुनर्वसु, अभिजित्‌ और ब्रह्महदय के १३ कालांश होते हैं।
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