मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
सूर्य सिद्धांत • अध्याय 9 • श्लोक 11
तल्लग्नासुहते भुक्‍क्ती अष्टादशशतोद्धूते । स्यातां कालगती ताभ्यां दिनादि गतगम्ययो: ॥
सूर्य और इष्टग्रह की कलात्मक गतियों को ग्रह्धिष्ठित राशि के लग्नोदयासुओं से पृथक्‌-पृथक्‌ गुणाकर १८०० का भाग दें, लब्ध फल क्रम से सूर्य और ग्रह की कालगति होती हैं। इन कालगतियों से पूर्वोक्त प्रकार से पूर्वोक्त कालांशों के अन्तर द्वारा उठदय और अस्तकाल के गत-गम्य दिनादि का साधन करना चाहिए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें