भरणी की भोगकला ४० को १० से गुणाकर ४०० एक गत नक्षत्र की (भभोगोष्ष्टशतीलिप्ता द्वारा) भोगकलछा ८०० जोड़ने से भरणी नक्षत्र का ध्रुव १२०० हुआ।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।