ब्रह्चतदय से ५ अंश पूर्व वृषान्त के निकट अपने क्रान्त्यग्र से ३८ अंश उत्तर की दिशा में तारात्मक ब्रह्मा की स्थिति है। अर्थात् ब्रह्मा का ध्रुवक १ राशि २७ अंश तथा उत्तर शर ३८ अंश है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।