मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
सूर्य सिद्धांत • अध्याय 8 • श्लोक 20
ब्रह्महंदयादीनां स्थानम्‌ पूर्वस्यां ब्रह्महृदयांदशके: पञ्चभि: स्थित: । प्रजापतिर्वृषान्तेसा सौम्येजष्टब्रिंशदंशके: ।।
ब्रह्चतदय से ५ अंश पूर्व वृषान्त के निकट अपने क्रान्त्यग्र से ३८ अंश उत्तर की दिशा में तारात्मक ब्रह्मा की स्थिति है। अर्थात्‌ ब्रह्मा का ध्रुवक १ राशि २७ अंश तथा उत्तर शर ३८ अंश है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें