रोहिणी, पुनर्वसु, मूल और आश्लेषा इनके पूर्व दिशा में स्थित तारा योगतारा है। शेष नक्षत्रों की स्थूल अर्थात् बड़ी और कान्तिमती (प्रकाशमान) त्मरा योग तारा कही जाती है।
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