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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 8 • श्लोक 18
ज्येष्ठाश्रवणमैत्राणां बार्हस्पत्यस्य मध्यमा । भरण्याग्नेयपित्रयाणां रेवत्याश्चैव दक्षिणा ॥
धनिष्ठा नक्षत्र की पश्चिम दिशा में स्थित तारा योगतारा है। ज्येष्ठा, श्रवण, अनुराधा और पुष्य इनकी मध्यतारा योगतारा है। भरणी, कृत्तिका, मघा और रेवती इनकी दक्षिण दिशा में स्थित तारा योगतारा है।
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