उत्तर दिशा में या दक्षिण दिशा में स्थित शुक्र, प्राय: विजयी ही होता है। (अर्थात् कदाचित् ही पराजित होता है)। चन्द्रमा के साथ भौम आदि पज्च ताणग्रहों का युति साधन पूर्वोक्त रीति से करना चाहिए।
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