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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 7 • श्लोक 22
ग्रहयुद्धे वैशिष्ट्यम्‌ आसन्नावप्युभौ दीप्तो भवतश्चेत्‌ समागम: । स्वल्पौ द्वावपि विध्वस्तौ भवेतां कूटविग्रहौं ॥
यदि दोनों ग्रहों के बिम्ब आसतन्न अर्थात्‌ युद्ध लक्षणों से युक्त होने पर भी प्रभायुक्त हों तो समागमसंज्ञक युद्ध होता है। यदि दोनों के बिम्ब सूक्ष्म और विध्वस्त अर्थात्‌ पराजय के लक्षणों से युक्त हों तो कूट एवं विग्रह संज्ञक युद्ध होता है अर्थात्‌ दोनों के सूक्ष्म बिम्ब हों तो कूटसंज्ञक युद्ध तथा दोनों ग्रहों के बिम्ब विध्वस्त हों तो विग्रह संज्ञक युद्ध होता है।
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