दूसरे ग्रह की अपेक्षा उत्तर दिशा में स्थित, दीप्तिमान्, बृहद् बिम्बवाला ग्रह जयी होता है। दक्षिण दिशा में भी बलवान् अर्थात् जिस ग्रह का बिम्ब दीप्तिमान् और बड़ा हो वह ग्रह जयी होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।