मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
सूर्य सिद्धांत • अध्याय 7 • श्लोक 18
युद्धसमागमादि लक्षणम्‌ उल्लेखं तारकास्पर्शाद्‌ भेदे भेद: प्रकीर्त्यते ॥ युद्धमंशुविमर्दाख्यमंशुयोगे परस्परम्‌ ।
भौम आदि पज्चतारा ग्रहों की बिम्ब नेमियों का स्पर्शमात्र हो तो उल्लेखसंज्ञक, और मण्डल का: भेद हो तो भेदसंज्ञक तथा परस्पर दो ग्रहों के किरणों का योग हो तो अंशुविमर्द संज्ञक युद्ध होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें