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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 7 • श्लोक 13
ग्रहाणां कलाविम्ब मानानि क॒जार्विज्ञामरेज्यानां व्रिंशदर्धार्धवर्धिता: । विष्कम्भाश्चन्द्र कक्षायां भूगो: षष्टिर्दाहता ॥
भौम का ३०, शनि का अर्धार्थ = १/४ वर्धित अर्थात् (३०+ ३०/४ = ३० + ७(१/२) = ३७(१/२), बुध का ३७(१/२) + ७(१/२) = ४५, बृहस्पति का ४५ + ७(१/२) = ५२(१/२), और शुक्र का ५२(१/२) + ७(१/२) = ६० योजन के तुल्य चन्द्रकक्षा में बिम्बव्यास कहा है।
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