वलन प्राइमुखं देय तद्विक्षेपषेकता यदि ।
भेदे पश्चान्मुखं देयमिन्दोर्भानोविंपर्ययात् ॥
यदि दक्षिणवलन और उत्तरशर हो तो दक्षिण चिह्न से, उत्तरवकन और दक्षिणशर हो तो उत्तर चिह्न से, पश्चिमाभिमुख मध्यग्रहणकालिक स्पष्टवलन का दान करना चाहिए। सूर्यग्रहण में वऊन और शर की दक्षिणदिशा हो तो दक्षिण चिहन से और उत्तरदिशा हो तो उत्तर चिह्न से पश्चिमाभिमुख वलन का दान करना चाहिए। यदि दक्षिण वलन और उत्तर शर हो तो उत्तर चिह्न से, तथा उत्तर वलन और दक्षिण शर हो तो दक्षिण चिहन से पूर्वाभिमुख वलन का दान करना चाहिए।
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