ग्राह्म विम्ब के केन्द्र से मानान्तर खण्ड के तुल्य एक शलाका ग्रास की दिशा की ओर रखने से ग्राहक मार्ग को जिस स्थान पर शलाका स्पर्श करती है उस स्थान पर सम्मीलन का केन्द्र होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।