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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 6 • श्लोक 17
इष्टग्रासार्थ परिलेख: ग्राह्ग्राहकयोगार्धात्‌ प्रोज््येष्टग्रासमागतम्‌ । अवशिष्टांगुलसमां शलाकां मध्यबिन्दुत:।।
मानैक्यखण्ड में इष्टग्रास घटाकर शेष अंगुल तुल्य शलाका को मध्यबिन्दु से स्पर्श मोक्ष शरणग्र की दिशा में अंकित करें
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