मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
सूर्य सिद्धांत • अध्याय 6 • श्लोक 13
ग्रहणप्रमाणम्‌ स्वच्छत्वाद्‌ द्वादशांशो5पि ग्रस्तश्चन्द्रस्य दृश्यते । लिप्तात्रयमपि ग्रस्तं तीक्ष्णत्वाच्च विवस्वत:॥
चन्द्र विम्ब के स्वच्छ होने से (चकाचौंध रहित होने से) १ २वाँ भाग भी ग्रसित होने पर चन्द्र ग्रहण स्पष्ट दिखलाई देता है किन्तु सूर्यविम्ब के तीक्ष्ण प्रकाश के कारण ३ कला का भी सूर्यग्रहण दृष्टिगत नहीं होता।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें