मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
सूर्य सिद्धांत • अध्याय 6 • श्लोक 10
ग्रहणपरिलेख : वलनाग्रात्‌ पुनः सूत्र मध्यबिन्दुं प्रवेशयेत्‌ । मध्यसूत्रेण विक्षेप॑ वलनाभिमुखं नयेत्‌ ॥
वलनश्रितवृत्त में स्थित मध्यवलनाग्र चिह्न से वृत्त के केन्द्रपर्यनत की गई रेखा में केन्द्र से मध्यविक्षेप का दान कर शगराग्र को केन्द्र मान कर
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें