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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 5 • श्लोक 7
लम्बनानयनम्‌ एकज्यावर्गतश्छेदी लब्धं॑ दृग्गतिजीवया ॥
दशमलग्न के नतांशों की भुजज्या और कोटिज्या को क्रम से स्थूल दूकक्षेप और दृग्गति कहते हैं।
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